10 एटीट्यूड वाली शायरी
1. अकड़ तोड़नी है उन मंजिलों की,
जिनको अपनी ऊंचाई पर गरूर है..!!
2. औकात नहीं है दुश्मनो की
आँख से आँख मिलाने की,
और बात करते हैं साले
घर से उठाने की..!!
3. भीड़ में खड़ा होना मकसद नहीं हैं मेरा,
बल्कि भीड़ जिसके लिए खड़ी हो वो बनना है मुझे.
4. चाहने वाले हज़ार हैं मेरे,ये दो चार
दुश्मनों से फर्क नहीं पड़ता मुझे.
5. लोग कहते है तुम ऐटिटूड बडा दिखाते हो
देख बेटा भगवान कि देन है छिपायेगे थोडी.
6. सिर्फ उम्र ही छोटी है,
जजबा तो दुनिया को मुठ्ठी में करने का रखते है.!
7. मत लो मेरे सब्र के बाँध का इम्तेहान,
जब जब ये टूटा है, तूफ़ान ही आया है.!
8. सुधरी हे तो बस मेरी आदते वरना मेरे शौक,
वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं..!!
9. वाकिफ़ तो रावण भी था अपने अंजाम से,
मगर ज़िद्द थी उसकी अपने अंदाज़ में जीने की..!!
10. तू नया नया है बेटे मैने खेल पुराने खेले है,
जिन लोगो के दम पर तू उछलता है.. वो मेरे पुराने चेले है..!!
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